ऐंठन वाली मांसपेशी पर गुनगुने तिल तेल की मालिश कर गर्म सेंक दें।
परंपरागत
केला · Banana
नित्य एक-दो केले खाएँ — पोटेशियम की पूर्ति होती है।
परंपरागत
खजूर · Dates
प्रातः चार भीगे खजूर दूध के साथ।
परंपरागत
इस पन्ने पर प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।
प्राकृतिक चिकित्सा
मांसपेशी को सौम्य रूप से खींचकर रोकें; बाद में गर्म सेंक।
पर्याप्त जल व सेंधा नमक; नित्य ताड़ासन।
शास्त्रीय औषधि
योगराज गुग्गुलु · Yogaraj Guggulu
मात्रा: 2–4 tablets (500 mg) · Warm water after meals
संधि-शूल व जकड़न, आमवात, गृध्रसी, वातरक्त, कटि-शूल, वात-शोथ।
बलारिष्ट · Balarishta
मात्रा: 15–30 ml · Equal warm water twice daily
संधि-शूल के साथ दुर्बलता, मांस-क्षय, बल की कमी, कटि-शूल, वृद्धों में स्वास्थ्य-लाभ।
महानारायण तेल · Mahanarayan Oil
मात्रा: External use only · Warm and massage, then a warm bath
संधि-शूल व जकड़न, गृध्रसी, कंधे की जकड़न, मांस-क्षय, पक्षाघात, पुरानी चोट।