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रोगोपरांत बल

रोग-बाद की कमज़ोरी — बुखार-बीमारी से उठे शरीर की भरपाई।

घरेलू उपाय

मुख्य उपाय
मौसमी: इसका रस पाचनांग, मस्तिष्क और यकृत को शक्ति देता है और खाए भोजन को शरीरांश बनाने में सहायता करता है। जटिल रोगों तथा ज्वर में जब अन्न मना कर दिया जाता है तो रस सेवन से रोगी दुर्बल नहीं होता और विषैला पदार्थ निकल जाता है। कई दिन पीते रहने से कब्ज, सिरदर्द, थकान व नींद न आना दूर होते हैं। शिशुओं को मौसमी का रस दूध में मिलाकर पिलायें।
मौसमीदालें
मौसमी · Sweet Lemon
इसका रस पाचनांग, मस्तिष्क और यकृत को शक्ति देता है और खाए भोजन को शरीरांश बनाने में सहायता करता है। जटिल रोगों तथा ज्वर में जब अन्न मना कर दिया जाता है तो रस सेवन से रोगी दुर्बल नहीं होता और विषैला पदार्थ निकल जाता है। कई दिन पीते रहने से कब्ज, सिरदर्द, थकान व नींद न आना दूर होते हैं। शिशुओं को मौसमी का रस दूध में मिलाकर पिलायें।
परंपरागत
दालें · Lentils
दाल-चावल घी के साथ, प्रतिदिन एक बार। सम्पूर्ण प्रोटीन का सरलतम भारतीय संयोग।
परंपरागत
इस पन्ने पर
प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।

प्राकृतिक चिकित्सा

सूर्य-स्नान दस से तीस मिनट तक बढ़ाएँ; नित्य सौम्य तेल-मालिश।
शुद्ध वायु में सैर; रात्रि दस से पहले निद्रा।

शास्त्रीय औषधि

अश्वगंधारिष्ट · Ashwagandharishta
मात्रा: 15–30 ml · Equal warm water, twice daily after food
स्नायु-क्षीणता, अनिद्रा, कृशता, रोग के बाद दुर्बलता, यौन दुर्बलता, चिंता।
द्राक्षारिष्ट · Draksharishta
मात्रा: 15–30 ml · Equal warm water after meals
सूखी खाँसी के साथ दुर्बलता, रक्ताल्पता, अरुचि, वक्ष-भारीपन, स्वास्थ्य-लाभ। वृद्धों के लिए भी सौम्य।
दशमूलारिष्ट · Dashamularishta
मात्रा: 15–30 ml · Equal warm water twice daily
प्रसव के बाद का शास्त्रीय बल्य। सामान्य दुर्बलता, कटि-शूल, वात-रोग, ज्वर के बाद स्वास्थ्य-लाभ में भी।
बलारिष्ट · Balarishta
मात्रा: 15–30 ml · Equal warm water twice daily
संधि-शूल के साथ दुर्बलता, मांस-क्षय, बल की कमी, कटि-शूल, वृद्धों में स्वास्थ्य-लाभ।

क्या खाएँ

मौसमी · Sweet Lemonदालें · Lentils

अपनी रसोई की चीज़ें चुनकर देखें कौन-सा उपाय आपके लिए सही है।

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