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ऑक्सीमीटर और प्राणायाम

दस पर्चे। कोरोना में ख़रीदा वह डिब्बा दराज़ में पड़ा है — और आप ग़लत नंबर देख रहे हैं।

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1 / 10 · सीधी बात
100आप यहाँ हैं97–99

प्राणायाम आपका SpO2 नहीं बढ़ाएगा

और यही सबसे अच्छी ख़बर है।

स्वस्थ आदमी का SpO2 पहले से 97 से 99 रहता है, और पैमाना 100 पर ख़त्म हो जाता है। ऊपर जाने की जगह ही नहीं बची — फेफड़े अपना काम पहले से पूरा कर रहे हैं।

तो क्या ऑक्सीमीटर बेकार है? नहीं। आप बस ग़लत नंबर देख रहे हैं। उसी पर्दे पर एक दूसरा नंबर है, और वह प्राणायाम के साथ आँखों के सामने बदलता है।

“ऑक्सीजन बढ़ाने” वाला दावा बिकता ख़ूब है। पर जो सचमुच होता है, वह उससे दिलचस्प है।
2 / 10 · पर्दा
99%SpO₂72PR bpmस्थिरज़िंदा

पर्दे पर तीन चीज़ें हैं

%SpO2ख़ून में ऑक्सीजन — स्वस्थ में 95–100, और लगभग स्थिर
PR bpmनाड़ी, प्रति मिनट — यही ज़िंदा नंबर है
लहर / बारउँगली में ख़ून का प्रवाह; ठंडी उँगली में छोटी पड़ जाती है

SpO2 बीमारी पकड़ने के लिए है। PR अभ्यास देखने के लिए।

कोरोना में सबने पहला नंबर देखना सीखा और दूसरा अनदेखा कर दिया। अगले तीन पर्चे उसी दूसरे नंबर के हैं।

यही वजह है कि “प्राणायाम के बाद SpO2 वही रहा” का मतलब असफलता नहीं है।
3 / 10 · पहला प्रयोग
4 अंदर6 बाहरPR−5 से −152 मिनट

धीमी साँस — दो मिनट में दिख जाता है

4 गिनकर अंदर, 6 गिनकर बाहर

  • बैठिए, उँगली में ऑक्सीमीटर, और पहले PR नोट कीजिए
  • चार सेकंड साँस अंदर, छह सेकंड बाहर — यानी मिनट में लगभग छह साँस
  • दो मिनट बाद PR दोबारा देखिए

अधिकतर लोगों में नाड़ी 5 से 15 धड़कन नीचे आ जाती है। SpO2 वहीं का वहीं रहेगा — और यही अपेक्षित है।

छह साँस प्रति मिनट पर हृदय-गति की परिवर्तनशीलता सबसे अधिक होती है। यह संख्या शोध से आई है, परंपरा से नहीं — पर दोनों एक ही जगह पहुँचे।
4 / 10 · दूसरा प्रयोग
साँसनाड़ीअंदरबाहर

नाड़ी साँस के साथ चलती है

बहुत धीरे साँस लीजिए और PR के नंबर को देखते रहिए। साँस अंदर लेते समय वह बढ़ता है, छोड़ते समय घटता है — हर बार।

यह गड़बड़ी नहीं है। इसका नाम है respiratory sinus arrhythmia, और यह वेगस नाड़ी का काम है — आपकी आँखों के सामने, बिना किसी ऐप के।

जितना साफ़ यह ऊपर-नीचे दिखे, उतना अच्छा संकेत।

“साँस से मन शांत होता है” सदियों से कहा गया। यह उसका पैमाना है, ₹500 के डिब्बे पर।
5 / 10 · तीसरा प्रयोग
रोकिए999699SpO₂

SpO2 को हिलाना है तो साँस रोकिए

स्वस्थ आदमी में SpO2 बढ़ाना सम्भव नहीं, पर घटाना आसान है। सामान्य साँस छोड़ने के बाद रुकिए और नंबर देखते रहिए — कुछ सेकंड बाद वह गिरना शुरू होता है, और साँस लेते ही लौट आता है।

यह दो बातें दिखाता है: पैमाना सचमुच काम कर रहा है, और शरीर में ऑक्सीजन का भंडार कितना बड़ा है।

  • लंबी देर मत रोकिए; चक्कर आए तो तुरंत छोड़ दीजिए
  • गर्भावस्था, उच्च रक्तचाप, दिल की बीमारी या मिर्गी — यह प्रयोग न करें
  • पानी में या गाड़ी चलाते हुए कभी नहीं
यह एक बार समझने के लिए है, रोज़ का अभ्यास नहीं। नंबर का पीछा मत कीजिए।
6 / 10 · उल्टी बात
तेज़ साँसO₂CO₂चक्कर = रुकने का इशारा

कपालभाति से ऑक्सीजन नहीं बढ़ती

तेज़ साँस से SpO2 नहीं चढ़ता। जो घटता है वह कार्बन डाइऑक्साइड है — और उसी से चक्कर, हाथ-पैर में झनझनाहट और उँगलियों का अकड़ जाना होता है।

कपालभाति और भस्त्रिका की अपनी जगह है, पर “ऑक्सीजन बढ़ाने” के लिए नहीं — और ऑक्सीमीटर देखकर उन्हें और बढ़ाते जाना उल्टा रास्ता है।

चक्कर आना शुद्धि का संकेत नहीं है। वह रुकने का संकेत है।
7 / 10 · यंत्र की सीमा
गहरी त्वचानेल पॉलिशठंडी उँगलीहिलना-डुलना

ऑक्सीमीटर कब झूठ बोलता है

  • साँवली या गहरी त्वचा — नंबर असल से ऊँचा आ सकता है। यह दुनिया भर में दर्ज है और नियामक इसकी चेतावनी देते हैं
  • नेल पॉलिश — नीली, हरी और काली सबसे ज़्यादा गड़बड़ करती हैं
  • ठंडी उँगली या कम प्रवाह — हाथ रगड़कर गरम कीजिए, फिर नापिए
  • हिलना-डुलना और सीधी तेज़ रोशनी

सही तरीक़ा — बैठकर, हाथ दिल के बराबर, बीच की उँगली, 30–60 सेकंड, बिना हिले।

एक नाप कभी अकेली नहीं पढ़ी जाती। जो बदला है वह देखिए, जो दिखा उसे नहीं।
8 / 10 · कब डॉक्टर
94%या अपनी सामान्य से 3–4 नीचे

नंबर कब सचमुच चिंता की बात है

  • आराम से बैठे हुए 94% या नीचे
  • अपनी सामान्य से 3–4 अंक नीचे, और लगातार
  • साँस फूलना, सीने में दर्द, होंठ या नाख़ून का नीला पड़ना — नंबर चाहे जो हो, तुरंत

और इसका उल्टा भी उतना ही ज़रूरी है: ऑक्सीमीटर बीमारी को ख़ारिज नहीं कर सकता। अच्छा नंबर देखकर डॉक्टर के पास जाना टाल देना — कोरोना में यही सबसे महँगी ग़लती थी।

यंत्र आपको बताता है कि कब जाना है। यह नहीं बताता कि कब नहीं जाना।
9 / 10 · रोज़ का अभ्यास
5 मिनट6 साँसप्रति मिनट

प्रयोग एक बार, अभ्यास रोज़

ऊपर के तीनों प्रयोग समझने के लिए हैं। जो रोज़ करना है, वह यह है:

ऑक्सीमीटर हफ़्ते में एक बार लगाइए, रोज़ नहीं। नंबर देखना अभ्यास नहीं है।

यंत्र की असली क़ीमत यह है कि वह शुरुआत में भरोसा दिला देता है। उसके बाद वह दराज़ में लौट सकता है।
10 / 10 · आज
ऑक्सीमीटर निकालिएPR नोट कीजिए2 मिनट — 4 / 6PR दोबारा

आज ही, चार मिनट

  • दराज़ से ऑक्सीमीटर निकालिए
  • बैठकर PR नोट कीजिए
  • दो मिनट — 4 अंदर, 6 बाहर
  • PR दोबारा देखिए, और अंतर लिख लीजिए

बढ़ाने के लिए मत नापिए। समझने के लिए नापिए।

यह पन्ना उस हर घर में भेजिए जहाँ कोरोना का ऑक्सीमीटर दराज़ में पड़ा है।

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यह चिकित्सा सलाह नहीं है। पल्स ऑक्सीमीटर घरेलू यंत्र है, निदान का साधन नहीं। साँस फूलना, सीने में दर्द, होंठ या नाख़ून का नीला पड़ना — इनमें नंबर की प्रतीक्षा मत कीजिए, तुरंत चिकित्सक के पास जाइए। दमा, सी.ओ.पी.डी., दिल की बीमारी या गर्भावस्था में साँस रोकने वाले अभ्यास अपने चिकित्सक से पूछकर ही कीजिए।