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अम्लपित्त

अम्लपित्त — सीने-गले में जलन, खट्टी डकार, मुँह कड़वा।

अन्य नाम: GERD · acid reflux · heartburn · hyperacidity · सीने में जलन · खट्टी डकार · तेज़ाब बनना · एसिडिटी · amlapitta

घरेलू उपाय

मुख्य उपाय
आँवला: शीतल व पित्तनाशक होने से अम्लपित्त की प्रमुख औषधि है। दो चम्मच आँवले के रस में इतनी ही मिश्री मिलाकर पियें, या एक चम्मच चूर्ण प्रात: भूखे पेट पानी के साथ लें।
दूर्वा (दूब घास)मिश्रीपेठाआँवलाआलूगुलाबइलायची चायसौंफ चाय
दूर्वा (दूब घास) · Durva grass
2 चम्मच ताज़ी दूर्वा (दूब) का रस थोड़ी मिश्री संग, प्रातः खाली पेट — जलन वाली अम्लता का शास्त्रीय पित्त-शामक।
परंपरागत
मिश्री · Mishri
मिश्री ठंडे पानी के साथ लें या धीरे-धीरे चूसें — जलन शांत होती है।
परंपरागत
पेठा · Ash gourd
खाली पेट आधा कप पेठे का रस — आमाशय की जलन शांत होती है।
परंपरागत
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आँवला · Amla
शीतल व पित्तनाशक होने से अम्लपित्त की प्रमुख औषधि है। दो चम्मच आँवले के रस में इतनी ही मिश्री मिलाकर पियें, या एक चम्मच चूर्ण प्रात: भूखे पेट पानी के साथ लें।
परंपरागत
आलू · Potatoes
कच्चे आलू का रस — आधा कप, भोजन से आधा घंटा पहले खाली पेट। आलू का क्षारीय गुण अम्ल को तुरंत शांत करता है।
परंपरागत
गुलाब · Rose
गुलकंद एक चम्मच रात को दूध के साथ, या गुलाब जल दो चम्मच ठंडे जल में। पित्त को शीतल करता है।
परंपरागत
इलायची चाय · Cardamom tea
2 हरी इलायची कूटकर एक कप गर्म पानी में, भोजन के बाद घूँट-घूँट — सोडा की तरह पलटकर जलन बढ़ाए बिना ठंडक देती है।
परंपरागत
सौंफ चाय · Fennel tea
भोजन के बाद 1 चम्मच सौंफ एक कप गर्म पानी में भिगोकर — अधिकांश पाचक मसालों से उलट यह शीतल है, इसीलिए अम्लपित्त में जँचती है।
परंपरागत
इस पन्ने पर
प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।

प्राकृतिक चिकित्सा

दिनभर ठंडा पानी घूँट-घूँट पिएँ; क्रोध या तनाव में भोजन न करें। संध्या भोजन से पहले बीस मिनट पेट पर ठंडी पट्टी।
प्रत्येक भोजन के बाद पाँच मिनट वज्रासन; शीतली प्राणायाम आठ बार।

शास्त्रीय औषधि

अविपत्तिकर चूर्ण · Avipattikar Churna
मात्रा: 3–6 g · Warm water
अम्लपित्त, सीने की जलन, अपच, कब्ज़।
यष्टिमधु चूर्ण · Yashtimadhu Churna
मात्रा: 1–3 g · Ghee, honey or cool milk
अम्लपित्त, आमाशय-शोथ, अल्सर, गले की खराश, सूखी खाँसी, स्वर-भंग।
धात्री चूर्ण · Dhatri Churna
मात्रा: 3–6 g · Cool water, ghee or honey
अम्लपित्त, दाह, अकाल पलित्य, केश-पात, नेत्र-दौर्बल्य, व्याधिक्षमत्व।
शंख वटी · Shankh Vati
मात्रा: 1–2 tablets (250 mg) · Warm water
तीव्र उदर-शूल, वायु-गोला, अम्लपित्त के साथ पीड़ा।

क्या खाएँ

आँवला · Amlaमिश्री · Mishriपेठा · Ash gourdआलू · Potatoesगुलाब · Rose

तिरुक्कुरल

மருந்தென வேண்டாவாம் யாக்கைக்கு அருந்தியது அற்றது போற்றி உணின்.पहले खाया हुआ पच गया — यह देखकर ही खाएँ; फिर देह को औषधि की आवश्यकता ही नहीं।दो हज़ार वर्ष पुरानी सलाह — उपचार नहीं। कुरल 942 · अध्याय 95 மருந்துइस विषय के और कुरल

अपनी रसोई की चीज़ें चुनकर देखें कौन-सा उपाय आपके लिए सही है।

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इन्हें भी देखें

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