अन्य नाम: pechish · पेचिश · आँव · रक्तातिसार · pravahika · प्रवाहिका · blood in stool
घरेलू उपाय
मुख्य उपाय
जामुन: दस ग्राम जामुन की गुठली पानी में पीसकर आधा कप पानी में घोलकर सुबह-शाम पिलाने से खूनी दस्त बन्द होते हैं; या 10 हरे पत्ते पीसकर आधा कप पानी में छानकर दो बार पियें, खिचड़ी खाएं।
दस ग्राम जामुन की गुठली पानी में पीसकर आधा कप पानी में घोलकर सुबह-शाम पिलाने से खूनी दस्त बन्द होते हैं; या 10 हरे पत्ते पीसकर आधा कप पानी में छानकर दो बार पियें, खिचड़ी खाएं।
परंपरागत
बेल · Bengal Quince
कच्चे बेल का गूदा गुड़ के साथ, दिन में दो बार। प्रवाहिका की श्रेष्ठ औषधि।
परंपरागत
इस पन्ने पर प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।
प्राकृतिक चिकित्सा
आँतों को पूर्ण विश्राम — केवल माँड़ व गुनगुना जल। पेट पर ठंडी पट्टी।
निरंतर घूँट; मल गाढ़ा होने तक ठोस नहीं।
शास्त्रीय औषधि
दाडिमाष्टक चूर्ण · Dadimashtaka Churna
मात्रा: 2–4 g · Warm water or buttermilk
अतिसार, प्रवाहिका, रोग के बाद मंदाग्नि, शूल।
बिल्वादि चूर्ण · Bilwadi Churna
मात्रा: 3–6 g · Buttermilk or warm water
पुराना अतिसार, ग्रहणी, मल में आम।
कुटजारिष्ट · Kutajarishta
मात्रा: 15–30 ml · Equal warm water twice daily
पुराना अतिसार, आम या रक्त-युक्त प्रवाहिका, ग्रहणी, ढीले मल के साथ आँत-विकार।
क्या खाएँ
जामुन · Jamunबेल · Bengal Quince
अपनी रसोई की चीज़ें चुनकर देखें कौन-सा उपाय आपके लिए सही है।