जामुन: जामुन की गुठली पीसकर शहद में गोलियां बना लें। दो-दो गोली नित्य चार बार चूसें — बैठा हुआ गला खुल जाता है, आवाज का भारीपन ठीक होता है। गाने वालों के लिए विशेष लाभकारी।
जामुन की गुठली पीसकर शहद में गोलियां बना लें। दो-दो गोली नित्य चार बार चूसें — बैठा हुआ गला खुल जाता है, आवाज का भारीपन ठीक होता है। गाने वालों के लिए विशेष लाभकारी।
परंपरागत
इस पन्ने पर प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।
प्राकृतिक चिकित्सा
एक दिन वाणी को पूर्ण विश्राम; रात्रि में गले पर ठंडी पट्टी।
दिन में दो बार भाप; गुनगुने नमक-जल से गरारे।
शास्त्रीय औषधि
यष्टिमधु चूर्ण · Yashtimadhu Churna
मात्रा: 1–3 g · Ghee, honey or cool milk
अम्लपित्त, आमाशय-शोथ, अल्सर, गले की खराश, सूखी खाँसी, स्वर-भंग।
अणु तैल · Anu Taila
मात्रा: 2 drops in each nostril · Lie back, instil, sniff gently — morning, empty stomach
शास्त्रीय नस्य तैल: पुराना साइनस, सिरदर्द, गंध-लोप, नासा-शोष, अकाल पलित्य, स्वर-दौर्बल्य।
क्या खाएँ
जामुन · Jamun
अपनी रसोई की चीज़ें चुनकर देखें कौन-सा उपाय आपके लिए सही है।