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दुग्ध-अल्पता

दूध की कमी — प्रसूता में स्तन्य कम बनना।

अन्य नाम: breast milk supply · दूध की कमी (माँ) · स्तन्य क्षय · दूध बढ़ाना

घरेलू उपाय

मुख्य उपाय
शतावरी चूर्ण 5 ग्राम दिन में दो बार गुनगुने दूध (अनुपान) के साथ; रातभर भिगोई मेथी 1 चम्मच प्रातः।
दूधघीमेथीशतावरीतिलखजूरशकरकंद
दूध · Milk
सोने से पहले एक कप गर्म गाय का दूध उबालकर धीरे-धीरे पिएँ — नमक या खट्टी चीज़ के साथ न लें।
परंपरागत
घी · Ghee
1 चम्मच गर्म गाय का घी खाली पेट या रात को गर्म दूध में मिलाकर लें — यह अन्य औषधियों को धातुओं तक पहुँचाता है।
परंपरागत
मेथी · Fenugreek
एक चम्मच मेथी दाना रातभर भिगोकर सुबह चबाएँ और वही पानी पी लें।
परंपरागत
सावधानीशुगर की दवा के साथ लें तो शुगर ज़्यादा गिर सकती है — जाँचते रहें। गर्भावस्था में नहीं — यह बच्चेदानी को उकसाती है। ख़ून पतला करने वाली दवा के साथ भी नहीं।
यहाँ से शुरू करें
शतावरी · Shatavari
एक चम्मच शतावरी चूर्ण एक कप गर्म दूध में, रात को एक बार।
परंपरागत
सावधानीहार्मोन से जुड़ी बीमारी (जैसे स्तन या बच्चेदानी की गाँठ) हो तो डॉक्टर से पूछकर।
तिल · Sesame
एक चम्मच काले तिल हल्का भूनकर चबाएँ, या गुड़ के साथ पीसकर छोटा लड्डू बनाकर रोज़ एक लें।
परंपरागत
खजूर · Dates
दो-तीन खजूर रातभर पानी या दूध में भिगोकर सुबह उसी दूध के साथ खाएँ।
परंपरागत
शकरकंद · Sweet potato
शकरकंद उबालकर घी व गुड़ के साथ, प्रसूता को प्रतिदिन। दुग्ध-वर्धक व बलकारक।
परंपरागत
इस पन्ने पर
प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।

प्राकृतिक चिकित्सा

दूध पिलाने से पहले स्तन पर गर्म सेंक; बार-बार पिलाएँ — माँग से आपूर्ति बढ़ती है।
विश्राम, जल व शांति किसी आहार से अधिक महत्वपूर्ण।

शास्त्रीय औषधि

शतावरी कल्प · Shatavari Kalpa
घटक: Shatavari, milk, honey, ghee, sesame oil
शतपुष्पादि चूर्ण · Shatapushpadi Churna
मात्रा: 2–4 g · Warm water or milk
कष्टार्तव, विलंबित आर्तव, प्रसव के बाद शूल, दुग्ध-अल्पता।
दशमूलारिष्ट · Dashamularishta
मात्रा: 15–30 ml · Equal warm water twice daily
प्रसव के बाद का शास्त्रीय बल्य। सामान्य दुर्बलता, कटि-शूल, वात-रोग, ज्वर के बाद स्वास्थ्य-लाभ में भी।
जीरकाद्यारिष्ट · Jeerakadyarishta
मात्रा: 15–30 ml · Equal warm water after meals
प्रसव के बाद का पाचक बल्य। मंदाग्नि, वायु, प्रसव के बाद ढीला मल, दुग्ध-अल्पता।

क्या खाएँ

दूध · Milkघी · Gheeमेथी · Fenugreekशतावरी · Shatavariतिल · Sesameखजूर · Datesशकरकंद · Sweet potato

अपनी रसोई की चीज़ें चुनकर देखें कौन-सा उपाय आपके लिए सही है।

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