पेट में घाव, छाला या व्रण होने पर संतरा खाना लाभकारी है।
परंपरागत
आलू · Potatoes
कच्चे आलू का रस आधा कप, दिन में दो बार भोजन से पहले — नैसर्गिक चिकित्सा का पुराना उपाय, यद्यपि आधुनिक प्रमाण कम हैं; क्षारीय रस पेट में रहते हुए अम्ल को दबाता है। हरे या अंकुरित आलू कभी न लें — उनका सोलनिन विषैला होता है। अधिकांश पेप्टिक अल्सर H. pylori से होते हैं और एंटीबायोटिक कोर्स से ही भरते हैं, इसलिए घर पर इलाज करने के बजाय जाँच कराएँ।
परंपरागत
इस पन्ने पर प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।
प्राकृतिक चिकित्सा
भोजन से पहले बीस मिनट पेट पर ठंडी पट्टी; क्रोध या जल्दबाज़ी में न खाएँ।
थोड़ा-थोड़ा बार-बार; दूध ठंडा घूँट-घूँट।
शास्त्रीय औषधि
यष्टिमधु चूर्ण · Yashtimadhu Churna
मात्रा: 1–3 g · Ghee, honey or cool milk
अम्लपित्त, आमाशय-शोथ, अल्सर, गले की खराश, सूखी खाँसी, स्वर-भंग।
क्या खाएँ
संतरा · Orangeआलू · Potatoes
अपनी रसोई की चीज़ें चुनकर देखें कौन-सा उपाय आपके लिए सही है।