श्वास रोग, क्षय, हृदय तथा छाती के सभी रोगों में लाभकारी — नियमित संतरा खाएँ या उसका रस पिएँ।
परंपरागत
इस पन्ने पर प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।
प्राकृतिक चिकित्सा
प्रतिदिन गहरी श्वास बीस बार; मुक्त वायु-चिकित्सा दो घंटे।
रात्रि में छाती पर गर्म पट्टी; नंगी छाती पर धूप।
शास्त्रीय औषधि
द्राक्षारिष्ट · Draksharishta
मात्रा: 15–30 ml · Equal warm water after meals
सूखी खाँसी के साथ दुर्बलता, रक्ताल्पता, अरुचि, वक्ष-भारीपन, स्वास्थ्य-लाभ। वृद्धों के लिए भी सौम्य।
क्या खाएँ
संतरा · Orange
अपनी रसोई की चीज़ें चुनकर देखें कौन-सा उपाय आपके लिए सही है।