अनार: ज्वर कैसा भी हो, अनार का सेवन लाभप्रद है। सात दिन से अधिक रहने वाले ज्वर व ऐपेंडिसाइटिस में भी लाभदायक। दालचीनी, काली मिर्च और शहद को उबलते पानी में मिलाकर पिएँ — ज्वर के लिए सर्वश्रेष्ठ आयुर्वेदिक उपचार। वैकल्पिक रूप से, दिन में कई बार अदरक का रस लें। जीरा एक प्रमाणित कीटाणुनाशक है।
ज्वर कैसा भी हो, अनार का सेवन लाभप्रद है। सात दिन से अधिक रहने वाले ज्वर व ऐपेंडिसाइटिस में भी लाभदायक।
परंपरागत
दालचीनी · Cinnamon
चौथाई से आधा चम्मच दालचीनी चूर्ण गर्म पानी या दूध में रोज़ एक बार; अधिक मात्रा उष्ण होती है।
परंपरागत
सावधानीरोज़ ज़्यादा मात्रा में लंबे समय तक नहीं — आम दालचीनी (कैसिया) में कूमैरिन होता है जो जिगर पर असर डाल सकता है। शुगर की दवा के साथ शुगर जाँचते रहें।
अदरक · Ginger
भोजन से पहले अदरक का पतला टुकड़ा चबाएँ, या आधा चम्मच सोंठ गर्म पानी में दिन में दो बार।
परंपरागत
सावधानीख़ून पतला करने वाली दवा के साथ ज़्यादा मात्रा नहीं। सर्जरी से पहले बंद करें।
शहद · Honey
एक चम्मच कच्चा शहद सीधे या गुनगुने पानी में लें — गर्म पानी में कभी न डालें, गुण नष्ट होते हैं।
परंपरागत
सावधानीएक साल से छोटे बच्चे को शहद कभी नहीं — बोटुलिज़्म का ख़तरा। यह नियम बिना अपवाद है।
काली मिर्च · Black pepper
दो-तीन काली मिर्च कूटकर शहद के साथ, या चुटकी चूर्ण किसी भी औषधि के साथ मिलाएँ।
परंपरागत
नींबू · Lemon
आधे नींबू का रस एक गिलास गुनगुने पानी में सुबह खाली पेट, चाहें तो थोड़ा शहद मिलाकर।
परंपरागत
इस पन्ने पर प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।
प्राकृतिक चिकित्सा
हर दो घंटे शरीर पर ठंडा स्पंज; निरंतर घूँट-घूँट जल।