शाकाहारियों में आम B12 कमी — थकान, झनझनाहट, याद कमज़ोर।
घरेलू उपाय
मुख्य उपाय
शाकाहारी भोजन में प्रायः विटामिन B12 कम होता है। दाल-अनाज को अंकुरित करने व इडली, डोसा, भटूरा जैसी चीज़ों को किण्वित करने से लाभकारी बैक्टीरिया थोड़ा B12 बनाते हैं और भोजन सुपाच्य होता है। इन्हें ताज़ा व स्वच्छता से बनाएँ; मात्रा घटती-बढ़ती रहती है, इसलिए डॉक्टर की सलाह पर fortified भोजन या सप्लीमेंट भी लेते रहें।
रोज़ एक कटोरी अंकुरित मूँग — हल्का भाप देकर नमक, जीरा व नींबू के साथ। अंकुरण B-समूह विटामिन बढ़ाता है और प्रोटीन सुपाच्य बनाता है।
परंपरागत
अंकुरित गेहूँ · Sprouted wheat
अंकुरित गेहूँ सुखाकर पीसने से रोटी B विटामिन से भरपूर बनती है। आटा रातभर खमीर उठाने से और बढ़ता है।
परंपरागत
अंकुरित मूँग आटा · Sprouted moong flour
सूखे अंकुरित मूँग का आटा चीला व ढोकला को अधिक पौष्टिक व B विटामिन से समृद्ध बनाता है।
परंपरागत
इडली · Idli
भाप में पकी किण्वित चावल-उड़द की टिक्की — रातभर के किण्वन से लाभकारी बैक्टीरिया थोड़ा B12 बनाते हैं। हल्की व हर पेट के लिए सुपाच्य।
परंपरागत
डोसा · Dosa
किण्वित घोल का पतला कुरकुरा चीला — किण्वन प्रोटीन, B विटामिन व सुपाच्यता बढ़ाता है। तवे से ताज़ा खाएँ।
परंपरागत
उत्तपम · Uttapam
प्याज़, टमाटर व धनिया वाला मोटा डोसा — वही किण्वित घोल, अधिक सब्ज़ियाँ, भरपूर भोजन।
परंपरागत
अप्पम · Appam
किण्वित चावल घोल व थोड़े नारियल का मुलायम जालीदार अप्पम — हल्का, किण्वन से B विटामिन बढ़ते हैं।
परंपरागत
भटूरा · Bhatura
किण्वित आटे की तली फूली रोटी — दही से रातभर किण्वन B विटामिन बढ़ाता है; तला होने से कभी-कभी खाएँ।
परंपरागत
कुलचा · Kulcha
किण्वित आटे की मुलायम रोटी — भटूरे से हल्की, तंदूर से ताज़ी श्रेष्ठ।
परंपरागत
खमीरी रोटी · Khameeri roti
खमीर से फुलाई गेहूँ की रोटी — किण्वन रोटी को मुलायम व B-समूह विटामिन से समृद्ध करता है।
परंपरागत
इस पन्ने पर प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।
प्राकृतिक चिकित्सा
घोल व अंकुर साफ़ हाथ-बर्तन से बनाएँ; किण्वन के समय घोल ढककर रखें और भोजन ताज़ा खाएँ।
किण्वन से मिला B12 अनिश्चित होता है — पूर्ण शाकाहारी हों तो डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट साथ लें।