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पाचन व गैस

गैस, अफारा, कब्ज़ की रोज़ की शिकायत — पाचन सुधारक आहार।

घरेलू उपाय

मुख्य उपाय
किण्वित भोजन में प्रोबायोटिक होते हैं जो आँतों के जीवाणु-संतुलन को सुधारते, गैस घटाते व पाचन बेहतर करते हैं। दही, छाछ, ढोकला व थोड़ा अचार दिन में लेने से पेट हल्का रहता है।
अंकुरित मेथीअंकुरित जौअंकुरित ज्वारढोकलाखमनहांडवोदहीछाछलस्सीकढ़ीघर का अचारनींबू अचारसिनकीदही वड़ा
अंकुरित मेथी · Sprouted fenugreek
अंकुरित मेथी की कड़वाहट घट जाती है; गैस व रक्त-शर्करा में लाभ — सुबह एक चम्मच अंकुर गुनगुने पानी के साथ।
परंपरागत
सावधानीशुगर की दवा के साथ लें तो शुगर ज़्यादा गिर सकती है — जाँचते रहें। गर्भावस्था में नहीं — यह बच्चेदानी को उकसाती है। ख़ून पतला करने वाली दवा के साथ भी नहीं।
अंकुरित जौ · Sprouted barley
अंकुरित जौ शीतल व पेट पर हल्का — पतला दलिया बनाकर अम्लता शांत व पाचन में सहायक।
परंपरागत
अंकुरित ज्वार · Sprouted sorghum
अंकुरित ज्वार ग्लूटेन-रहित व हल्की — सुखाकर पीसकर रोटी या दलिया में; सुपाच्य।
परंपरागत
ढोकला · Dhokla
भाप में पका किण्वित बेसन का केक — हल्का, स्पंजी व पाचन-सुलभ। किण्वन बेसन को सुपाच्य बनाता है।
परंपरागत
खमन · Khaman
किण्वित बेसन का मुलायम पीला भाप-केक — हल्का, प्रोटीन-युक्त नाश्ता, पेट पर सरल।
परंपरागत
हांडवो · Handvo
किण्वित चावल-दाल घोल व लौकी का सेंका नमकीन केक — पौष्टिक, रेशेदार व सुपाच्य।
परंपरागत
दही · Curd (yogurt)
ताज़ा घर का जमा दही प्रोबायोटिक से भरपूर, आँतों को सुधारता है — दिन में, सामान्य ताप पर खाएँ; रात में या गर्म कभी नहीं।
परंपरागत
छाछ · Buttermilk
भोजन के बाद जीरा व काला नमक वाली पतली छाछ पाचन शांत व पेट को शीतल करती है — आयुर्वेद का श्रेष्ठ पाचक।
परंपरागत
लस्सी · Lassi
मीठी या नमकीन मथी दही की लस्सी — शीतल व प्रोबायोटिक; दोपहर में लें, भारी रात्रि-भोजन के साथ नहीं।
परंपरागत
कढ़ी · Kadhi
दही व बेसन की पकी कढ़ी — खट्टे दही का हल्का किण्वन पेट के लिए सौम्य व गर्म।
परंपरागत
घर का अचार · Home pickle
थोड़ा धूप में किण्वित अचार भूख जगाता व अच्छे जीवाणु देता है — भोजन के साथ छोटा टुकड़ा, ढेर नहीं।
परंपरागत
नींबू अचार · Lemon pickle
धूप में पका नमक वाला नींबू अचार पाचन में सहायक व विटामिन C युक्त — दाल-चावल का पारंपरिक संगी।
परंपरागत
सिनकी · Sinki
किण्वित मूली की जड़, सुखाकर खट्टा सूप — पहाड़ों का पारंपरिक पाचन-टॉनिक।
परंपरागत
दही वड़ा · Dahi vada
मथे दही में डूबे उड़द-दाल के मुलायम वड़े — दाल का किण्वन व प्रोबायोटिक दही इसे दिखने से हल्का बनाते हैं।
परंपरागत
इस पन्ने पर
प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।

प्राकृतिक चिकित्सा

दही व छाछ दिन में सामान्य ताप पर लें — रात में या गर्म करके कभी नहीं।
भोजन के बाद एक गिलास मसाला छाछ सबसे श्रेष्ठ व सुरक्षित पाचक है।

क्या खाएँ

अंकुरित मेथी · Sprouted fenugreekअंकुरित जौ · Sprouted barleyअंकुरित ज्वार · Sprouted sorghumढोकला · Dhoklaखमन · Khamanहांडवो · Handvoदही · Curd (yogurt)छाछ · Buttermilkलस्सी · Lassiकढ़ी · Kadhiघर का अचार · Home pickleनींबू अचार · Lemon pickleसिनकी · Sinkiदही वड़ा · Dahi vada

अपनी रसोई की चीज़ें चुनकर देखें कौन-सा उपाय आपके लिए सही है।

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