शिशु के पहले दाँत — मसूड़ों में खुजली, लार, चिड़चिड़ापन, हल्का बुखार।
अन्य नाम: daant nikalna · दाँत निकलना · शिशु के दाँत · baby teething
घरेलू उपाय
मुख्य उपाय
दाँत निकलते समय मसूड़ों में खुजली व दर्द होता है; अक्सर हल्के दस्त व हल्का बुखार भी आता है। थोड़े से शहद से मसूड़ों की धीरे-धीरे मालिश करने से मसूड़े नरम पड़ते हैं और दाँत आसानी से निकलते हैं। पका केला मसलकर देना ठंडक देता है और पेट के लिए हल्का है। धुली, ठंडी (जमी नहीं) गाजर या उबली सहजन की फली चबाने को दें — मसूड़ों को सुरक्षित दबाव मिलता है। दस्त होने पर एक चम्मच छाछ में चुटकी भर सोंठ मिलाकर दें। तेज़ बुखार, दूध छोड़ने या लगातार दस्त पर डॉक्टर को दिखाएँ।
साफ़ उँगली से एक बूँद शहद मसूड़ों पर धीरे-धीरे मलें, दिन में एक-दो बार (केवल एक वर्ष से बड़े शिशुओं के लिए)।
परंपरागत
सावधानीएक साल से छोटे बच्चे को शहद कभी नहीं — बोटुलिज़्म का ख़तरा। यह नियम बिना अपवाद है।
केला · Banana
आधा पका केला अच्छी तरह मसलकर, दिन में एक बार — ठंडक देता है और पेट के लिए हल्का है।
परंपरागत
छाछ · Buttermilk
दस्त होने पर दो-तीन चम्मच ताज़ी छाछ में ज़रा-सी सोंठ मिलाकर दें।
परंपरागत
सोंठ · Dry ginger
चुटकी भर सोंठ छाछ या गुनगुने पानी में — दाँत निकलने के साथ आने वाले दस्तों में आराम देती है।
परंपरागत
सावधानीख़ून पतला करने वाली दवा के साथ ज़्यादा मात्रा नहीं। सर्जरी से पहले बंद करें।
इस पन्ने पर प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।
प्राकृतिक चिकित्सा
अंगूर · Grapes
दाँत निकलने के दिनों में दो-दो चम्मच मीठे अंगूर का रस नित्य — दाँत सरलता से निकलते हैं और बच्चा हँसमुख रहता है। एक वर्ष से बड़े बच्चे के लिए स्वाद हेतु थोड़ा शहद मिला सकते हैं।
परंपरागत
चबाने को ठंडी धुली गाजर या नरम सहजन की फली; हर बार दूध के बाद साफ़ उँगली से मसूड़ों की हल्की मालिश।
लार के लिए नरम कपड़ा रखें व ठुड्डी धोते रहें ताकि दाने न पड़ें; बच्चे को अधिक दुलार दें — इन दिनों नींद कच्ची रहती है।