एक चम्मच शतावरी चूर्ण रात को गर्म दूध में — प्रजनन धातु की शास्त्रीय रसायन औषधि।
परंपरागत
सावधानीहार्मोन से जुड़ी बीमारी (जैसे स्तन या बच्चेदानी की गाँठ) हो तो डॉक्टर से पूछकर।
मुलेठी · Licorice
आधा चम्मच मुलेठी चूर्ण एक चम्मच घी व शहद के साथ, दिन में एक बार।
परंपरागत
सावधानीरक्तचाप बढ़ाती है और शरीर का पोटैशियम घटाती है। बीपी, हृदय या गुर्दे की बीमारी हो तो नहीं। लगातार कुछ हफ़्तों से ज़्यादा नहीं।
आँवला · Amla
एक ताज़ा आँवला या एक चम्मच आँवला चूर्ण ठंडे पानी में रोज़ सुबह — दूध के साथ न लें।
परंपरागत
यहाँ से शुरू करें
केला · Banana
एक पका केला एक चम्मच घी व चुटकी इलायची के साथ सुबह लें।
परंपरागत
दही · Yogurt
आधा कप ताज़ा दही दोपहर के भोजन के साथ — प्राकृतिक जीवाणु-संतुलन लौटाता है।
परंपरागत
धनिया · Coriander
एक चम्मच धनिया रातभर भिगोएँ, सुबह छानकर पानी पिएँ — मूत्रमार्ग के लिए शीतल।
परंपरागत
अनार · Pomegranate
रोज़ एक अनार, या आधा कप ताज़ा रस सुबह लें।
परंपरागत
त्रिफला · Triphala
एक चम्मच त्रिफला चूर्ण रात को गर्म पानी के साथ; स्रोतों की शुद्धि से बल्य औषधि काम करती है।
परंपरागत
सावधानीगर्भावस्था में नहीं। यह जुलाब का काम करता है, इसलिए लगातार लंबे समय तक नहीं।
इस पन्ने पर प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।
प्राकृतिक चिकित्सा
दिन में दो बार दस मिनट ठंडा कटि-स्नान; केवल सूती वस्त्र, प्रतिदिन बदलें।
स्थान सूखा व हवादार रखें; भीतरी प्रक्षालन न करें।
शास्त्रीय औषधि
चंद्रप्रभा वटी · Chandraprabha Vati
मात्रा: 2 tablets (500 mg) · Warm water or milk twice daily
मूत्र-रोग, मधुमेह के साथ दुर्बलता, कटि-शूल, स्त्री-पुरुष प्रजनन दुर्बलता, सामान्य क्षीणता।