30+ भाषाओं में पढ़ें
English

पाचन दुर्बलता

भूख कम, खाना देर से पचना, भारीपन — मंद अग्नि।

घरेलू उपाय

मुख्य उपाय
आम: रेशेदार आम सुपाच्य है और कब्ज़ दूर करता है। 70 ग्राम मीठे आम के रस में 2 ग्राम सोंठ मिलाकर रोज़ सुबह पिएँ — पाचन-शक्ति बढ़ती है। भोजन से पहले अदरक-जीरे की चाय जठराग्नि जगाती है। भोजन के बाद सौंफ़ पाचन में सहायक है। भारी भोजन के बाद पके अनानास के कुछ टुकड़े — इसके एंज़ाइम भोजन तोड़ने में मदद करते हैं। भोजन के साथ पुदीना-जीरा पानी घूँट-घूँट लें। दोपहर के भोजन के बाद थोड़े घी के साथ गुड़ का छोटा टुकड़ा पाचन में सहायक है। भोजन के बाद आधा चम्मच अजवायन काले नमक के साथ गुनगुने पानी में लें।
अनानासपुदीनागुड़अजवाइनआमअदरकजीरासौंफकाली मिर्चनींबू घासतेजपत्र
अनानास · Pineapple
भारी भोजन के बाद पके अनानास के कुछ टुकड़े — इसके एंजाइम भोजन पचाते हैं।
परंपरागत
पुदीना · Mint
भोजन के साथ पुदीना-जीरा पानी।
परंपरागत
गुड़ · Jaggery
दोपहर के भोजन के बाद थोड़े घी के साथ गुड़ का छोटा टुकड़ा।
परंपरागत
अजवाइन · Ajwain
भोजन के बाद आधा चम्मच अजवायन काले नमक के साथ गुनगुने पानी में।
परंपरागत
यहाँ से शुरू करें
आम · Mango
रेशेदार आम सुपाच्य है और कब्ज़ दूर करता है। 70 ग्राम मीठे आम के रस में 2 ग्राम सोंठ मिलाकर रोज़ सुबह पिएँ — पाचन-शक्ति बढ़ती है।
परंपरागत
अदरक · Ginger
भोजन से पहले अदरक का पतला टुकड़ा चबाएँ, या आधा चम्मच सोंठ गर्म पानी में दिन में दो बार।
परंपरागत
सावधानीख़ून पतला करने वाली दवा के साथ ज़्यादा मात्रा नहीं। सर्जरी से पहले बंद करें।
जीरा · Cumin
एक चम्मच जीरा भूनकर भोजन के बाद गर्म पानी से लें, या पानी में उबालकर दिनभर पिएँ।
परंपरागत
सौंफ · Fennel
एक चम्मच सौंफ प्रत्येक भोजन के बाद चबाएँ, या गर्म पानी में भिगोकर ठंडा होने पर पिएँ।
परंपरागत
काली मिर्च · Black pepper
दो-तीन काली मिर्च कूटकर शहद के साथ, या चुटकी चूर्ण किसी भी औषधि के साथ मिलाएँ।
परंपरागत
नींबू घास · Lemongrass
लेमनग्रास की चाय भोजन के बाद — वायु व भारीपन घटाती है।
परंपरागत
तेजपत्र · Indian Bay Leaf
तेजपत्र दाल व सब्ज़ी में डालें — पाचन सुधारता है व वायु नहीं बनने देता।
परंपरागत
इस पन्ने पर
प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।

प्राकृतिक चिकित्सा

भूख लगने पर ही खाएँ, तीस बार चबाएँ, तीन-चौथाई पेट पर रुक जाएँ।
भोजन के बाद पाँच मिनट वज्रासन; साप्ताहिक फल-दिवस।

शास्त्रीय औषधि

तालीसादि चूर्ण · Talisadi Churna
मात्रा: 2–4 g · Honey
खाँसी, दमा, अपच, अरुचि, पुराने श्वास-रोग।
हिंग्वष्टक चूर्ण · Hingvashtak Churna
मात्रा: 2–3 g · With first bite of food, or warm water
गैस, अफारा, मंद पाचन, पेट-दर्द।
त्रिकटु चूर्ण · Trikatu Churna
मात्रा: 1–3 g · Honey
मंदाग्नि, मोटापा, खाँसी-ज़ुकाम; अग्नि प्रदीप्त कर आम नष्ट करता है।
च्यवनप्राश · Chyawanprash
मात्रा: 10–20 g · Milk
रोग-प्रतिरोधक शक्ति, श्वसन-बल, कायाकल्प (रसायन), ओज।

क्या खाएँ

आम · Mangoअदरक · Gingerजीरा · Cuminसौंफ · Fennelकाली मिर्च · Black pepperअनानास · Pineappleपुदीना · Mintगुड़ · Jaggeryअजवाइन · Ajwainनींबू घास · Lemongrassतेजपत्र · Indian Bay Leaf

तिरुक्कुरल

மருந்தென வேண்டாவாம் யாக்கைக்கு அருந்தியது அற்றது போற்றி உணின்.पहले खाया हुआ पच गया — यह देखकर ही खाएँ; फिर देह को औषधि की आवश्यकता ही नहीं।दो हज़ार वर्ष पुरानी सलाह — उपचार नहीं। कुरल 942 · अध्याय 95 மருந்துइस विषय के और कुरल

अपनी रसोई की चीज़ें चुनकर देखें कौन-सा उपाय आपके लिए सही है।

भोजनवेद खोलें
WhatsApp पर भेजें

इन्हें भी देखें