गुनगुना घी हथेली से जोड़ पर दस मिनट मालिश करें, फिर गर्म कपड़ा रखें। भोजन में भी एक चम्मच — जोड़ को दोनों ओर से स्निग्धता मिलती है।
परंपरागत
हल्दी · Turmeric
रात को आधा चम्मच गुनगुने दूध में। लेप के रूप में: हल्दी में थोड़ा गर्म पानी व चुटकी नमक, जोड़ पर लगाकर ढँक दें, आधा घंटा।
प्रमाणित
घुटने के गठिया में करक्यूमिन पर मनुष्यों पर अध्ययन हुए हैं।
सावधानीरसोई में डाली जाने वाली मात्रा सुरक्षित है। गोली या सत्व के रूप में ज़्यादा मात्रा ख़ून पतला करने वाली दवाओं के साथ नहीं। पित्ताशय में पथरी हो तो ज़्यादा मात्रा से बचें। सर्जरी से पहले बंद करें।
यहाँ से शुरू करें
मेथी · Fenugreek
रात भर भिगोई एक चम्मच मेथी सुबह लें। भीगे दानों को गर्म कर पीसने से जकड़े जोड़ के लिए लेप भी बनता है।
परंपरागत
सावधानीशुगर की दवा के साथ लें तो शुगर ज़्यादा गिर सकती है — जाँचते रहें। गर्भावस्था में नहीं — यह बच्चेदानी को उकसाती है। ख़ून पतला करने वाली दवा के साथ भी नहीं।
तिल का तेल · Sesame oil
गुनगुना तिल का तेल प्रभावित अंग पर हथेली से मालिश करें, बीस मिनट रखकर गर्म पानी से स्नान करें।
परंपरागत
तेजपत्र · Indian Bay Leaf
तेजपत्र का तेल जोड़ों पर मालिश करें, या काढ़ा पिएँ।
परंपरागत
हल्दी काढ़ा · Turmeric kadha
आधा चम्मच हल्दी एक कप दूध या पानी में, चुटकी काली मिर्च के साथ उबालकर — काली मिर्च वैकल्पिक नहीं है, करक्यूमिन उसी से सोखा जाता है। आठ सप्ताह दें।
परंपरागत
सोंठ काढ़ा · Dry-ginger kadha
ठंड के महीनों में दिन में एक बार — शोथहर, और सुबह की जकड़न में राहत। जलन हो तो भोजन के बाद लें।
परंपरागत
इस पन्ने पर प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।
प्राकृतिक चिकित्सा
गुनगुने सरसों तेल की मालिश, फिर गर्म सेंक; तैराकी सर्वोत्तम व्यायाम।
ठंड, नमी व झटके से बचें।
शास्त्रीय औषधि
अजमोदादि चूर्ण · Ajmodadi Churna
मात्रा: 2–4 g · Warm water
संधि-शूल, गृध्रसी, वात-रोग, कमर की जकड़न।
योगराज गुग्गुलु · Yogaraj Guggulu
मात्रा: 2–4 tablets (500 mg) · Warm water after meals
संधि-शूल व जकड़न, आमवात, गृध्रसी, वातरक्त, कटि-शूल, वात-शोथ।
दशमूलारिष्ट · Dashamularishta
मात्रा: 15–30 ml · Equal warm water twice daily
प्रसव के बाद का शास्त्रीय बल्य। सामान्य दुर्बलता, कटि-शूल, वात-रोग, ज्वर के बाद स्वास्थ्य-लाभ में भी।
बलारिष्ट · Balarishta
मात्रा: 15–30 ml · Equal warm water twice daily
संधि-शूल के साथ दुर्बलता, मांस-क्षय, बल की कमी, कटि-शूल, वृद्धों में स्वास्थ्य-लाभ।
क्या खाएँ
घी · Gheeहल्दी · Turmericमेथी · Fenugreekतिल का तेल · Sesame oilतेजपत्र · Indian Bay Leaf