अन्य नाम: stomach inflammation · आमाशय शोथ · पेट की जलन · urdhvag amlapitta
घरेलू उपाय
मुख्य उपाय
आधा चम्मच मुलेठी चूर्ण गुनगुने पानी के साथ दिन में दो बार। खाली पेट दो चम्मच एलोवेरा रस। दिन में दो बार नारियल पानी — जलन शांत होती है। ठंडा दूध धीरे-धीरे घूँट भरकर पिएँ।
जलन शुरू होते ही मिश्री ठंडे पानी में घोलकर धीरे-धीरे पिएँ।
परंपरागत
मुलेठी · Licorice
आधा चम्मच मुलेठी चूर्ण गुनगुने पानी के साथ दिन में दो बार।
परंपरागत
सावधानीरक्तचाप बढ़ाती है और शरीर का पोटैशियम घटाती है। बीपी, हृदय या गुर्दे की बीमारी हो तो नहीं। लगातार कुछ हफ़्तों से ज़्यादा नहीं।
एलोवेरा · Aloe vera
खाली पेट दो चम्मच एलोवेरा रस।
परंपरागत
सावधानीपीने के लिए गर्भावस्था में नहीं — यह तेज़ जुलाब है और बच्चेदानी को उकसाता है। त्वचा पर लगाना अलग बात है।
नारियल · Coconut
दिन में दो बार नारियल पानी — जलन शांत होती है।
परंपरागत
दूध · Milk
ठंडा दूध धीरे-धीरे घूँट भरकर पिएँ।
परंपरागत
आलू · Potatoes
कच्चे आलू का रस आधा कप, सुबह खाली पेट, दो सप्ताह। आमाशय की भीतरी झिल्ली को शांत करता है।
परंपरागत
इस पन्ने पर प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।
प्राकृतिक चिकित्सा
भोजन से पहले बीस मिनट पेट पर ठंडी पट्टी; थोड़ा-थोड़ा बार-बार।
क्रोध में न खाएँ; भोजन के बाद वज्रासन।
शास्त्रीय औषधि
यष्टिमधु चूर्ण · Yashtimadhu Churna
मात्रा: 1–3 g · Ghee, honey or cool milk
अम्लपित्त, आमाशय-शोथ, अल्सर, गले की खराश, सूखी खाँसी, स्वर-भंग।